ट्रेन यात्रा में मुलाकात और फर्जी परिचय देकर बढ़ाया संपर्क
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित डीएसपी गुरु नारायण और आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू की पहली मुलाकात एक ट्रेन सफर के दौरान हुई थी। आरोपी मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले का निवासी है और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंतर्गत अमलेश्वर क्षेत्र में रह रहा था। यात्रा के दौरान आरोपी ने डीएसपी को अपना फर्जी परिचय देते हुए बताया कि वह भारत सरकार के 'स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय' में 'सहायक आयुक्त' (Assistant Commissioner) के पद पर कार्यरत है। इस रसूखदार परिचय के बहाने उसने डीएसपी का मोबाइल नंबर हासिल किया और फिर लगातार उनसे संपर्क में रहने लगा।
मनचाही पोस्टिंग के लिए मांगे 5 लाख रुपये, ऐसे खुला राज
एडिटेड आईकार्ड के सहारे बिहार-छत्तीसगढ़ के 24 से अधिक लोगों को ठगा
पुलिस पूछताछ में आरोपी रजनीश कुमार राय के कई अन्य संगीन अपराधों का भी खुलासा हुआ है। आरोपी की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
नकली दस्तावेज निर्माण: आरोपी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के हुबहू दिखने वाले एडिटेड (फर्जी) आईकार्ड तैयार करता था।
नौकरी और ट्रांसफर का झांसा: इन्हीं जाली दस्तावेजों के दम पर वह लोगों को झांसे में लेता था और सरकारी नौकरी दिलाने या ट्रांसफर कराने के नाम पर बड़ी रकमें वसूलता था।
दर्जनों शिकार: पुलिस के अनुसार, वह अब तक बिहार और छत्तीसगढ़ के दो दर्जन (24) से भी अधिक नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है।
अपराध का कारण: जांच में पता चला है कि आरोपी के बेहद महंगे और वीआईपी शौक थे, जिन्हें पूरा करने के लिए वह लगातार इस तरह की धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
सिविल लाइंस थाना पुलिस द्वारा फिलहाल आरोपी के बैंक खातों और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने अब तक कुल कितनी रकम की अवैध वसूली की है।

खबरें नहीं सच का प्रहार
0 Comments